Home ताज़ा खबर जैव विविधता पृथ्वीवासियों की साझी विरासत, इसे बचाना सामूहिक कर्तव्य: कलेक्टर

जैव विविधता पृथ्वीवासियों की साझी विरासत, इसे बचाना सामूहिक कर्तव्य: कलेक्टर

विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर नेशनल इनोवेशन फोरम के तत्वावधान में जलवायु परिवर्तन ,जल सरंक्षण जैव विविधता के सरंक्षण एवं प्राकृतिक आपदाओं पर चर्चा के लिए ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस बेबेक्स मीट एप के जरिये रखी गई,इस कॉन्फ्रेंस में जशपुर जिले सहित छत्तीसगढ़ एवं जम्मू कश्मीर ,बिहार राज्य के विशेषज्ञ शामिल हुए ।

ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में लाइव संबोधित करते हुए कलेक्टर महादेव कावरे ने कहा कि पृथ्वी सभी जीवधारियों का निवास स्थान है ,हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह इसके सरंक्षण के विषय में सोचे, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं ,जल संकट निकट भविष्य में बड़ी समस्याओं के रूप में उभर कर आएंगी, यदि समय रहते इन पृथ्वी पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के सरंक्षण की दिशा में कार्य न किया गया।उन्होंने बताया कि जशपुर की जलवायु ,यहाँ की प्राकृतिक वनस्पतियों के कारण जशपुर की पहचान पूरे देश मे एक अलग स्थान पर है।इस मौके पर उन्होंने पर्यटन स्थलों के विकास की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों एवं सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी साझा की और कहा कि उपलब्ध संसाधनों की सुरक्षा में आम आदमी की एक अहम भूमिका है, जैव विविधता पृथ्वीवासियों की साझी विरासत है, समुदाय को आगे आकर इसके सरंक्षण की दिशा में कार्य करना होगा।
संदेश: प्रकृति के साथ हमें रिश्ते मजबूत करने होगें, अपनी आवश्यकताओं को कम करना होगा

जशपुर डिवीजन के डीएफओ जाधव श्रीकृष्ण ने कहा कि आज के समय में इकोसिस्टम के सभी जैविक एवं अजैविक घटकों के सरंक्षण की आवश्यकता है।जल सरंक्षण के साथ साथ मृदा सरंक्षण भी आवश्यक है।भूमि की उत्पादकता ,वनस्पतियों का बढ़ना जल की उपलब्धता पर ही निर्भर करता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जिले के प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों की सुरक्षा भी आवश्यक है जिसके लिए आम समुदाय को इन स्थलों के सरंक्षण के लिए जागरूक करने की आवश्यकता होगी,जलग्रहण वाले क्षेत्र की प्रमुख भूमिका होती है ,जशपुर जिले की जैव विविधता पूरे देश में विख्यात है ,वनस्पतियों की उपलब्धता एवं भिन्नताएं तापमान एवं जलवायु जैसे भौगोलिक कारकों पर निर्भर करती है।उन्होंने जैव विविधता के सरंक्षण के लिए एक साझा प्रयास करने पर जोर दिया ।
संदेश: हर नागरिक पर्यावरण संरक्षण के भागीदार बनें

लोयोला महाविद्यालय के प्राचार्य फादर ओस्कार तिर्की ने कहा कि जल के प्राकृतिक स्रोतों के सरंक्षण के साथ ही जीवनदायिनी नदियों का सरंक्षण काफी आवश्यक है ,नदियों के तट पर लगे वनस्पतियों के कटाव पर प्रतिबंध लगे एवं जल के सरंक्षण के लिए अस्थायी एनीकट बनाए जाएं।उन्होंने जशपुर जिले की प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के सरंक्षण की बात कही।
संदेश: पर्यावरण संरक्षण अभियान निरन्तर एक विजन के रूप में हो ,युवा आगे आएं

जशपुर जिले से पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता एस पी यादव ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन के संकेत दिखाई दे रहे हैं, ग्लोबल वार्मिंग के कारण जिले की नदियां एवं जल के प्राकृतिक स्रोत समय पूर्व सूख रहे हैं, सतही एवं भूजल के निरन्तर दोहन के फलस्वरूप अब यह भी और भूमिगत होते जा रहे हैं , केंद्रीय जल बोर्ड ने जशपुर को रेड जोन में शामिल किया है जो एक गंभीर विषय है।
जल के प्राकृतिक स्रोतों का सरंक्षण काफी आवश्यक है।
जशपुर जिले में मौसम एवं जलवायु के अनुकूल क्षेत्रों में कई समृद्ध वनस्पतियां पायी जाती है जो यहां की जैव विविधता की पहचान है,उन्होंने कहा कि जशपुर जिले में वनस्पतियों के अध्ययन एवं रिसर्च के लिए राष्ट्रीय स्तर के एक शोध संस्थान की स्थापना हो ।
संदेश: प्रकृति से जीवन की विषमताओं का समाधान मिलता है ,इससे अपनी निकटता बनाए रखें।कहीं परिस्तिथियां ऐसी न हो कि अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाशने पड़े

समाजसेवी एवं शिक्षक अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि वनों की कटाई ,अवैध चराई एवं अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध हो एवं साथ ही ईंधन के लिए ग्रामीणों को सस्ता विकल्प उपलब्ध हो ,वन क्षेत्रों में खनन एवं विनाशकारी गतिविधियों पर रोक लगे।
संदेश: हर आपदायें एक नई सीख देती है ,इसके अल्पकालीन एवं दीर्घकालिक प्रभाव काफी भयावह होते हैं, आपदाओं से निपटने कारगर उपायों पर बल देना होगा।

शिक्षक टी गोसाईं ने लगातार सिमटते हुए वनों के क्षेत्रफल पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वर्षा की अनियमितता एवं अनिश्चितता के कारण आए दिन कई प्राकृतिक आपदाएं घटित हो रही हैं,बाढ़, सूखा ,सुनामी की घटनाओं ने मानव समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
संदेश: प्रदूषणमुक्त वातावरण आज की आवश्यकता है

जम्मू कश्मीर राज्य से विशेषज्ञ अजय कुमार डोगरा ने कहा कि पूरी मानव जाति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संसाधनों के अतिदोहन पर तुले हुए हैं जिसके गंभीर परिणाम हमें आने वाले समय में दिखाई देगा।
संदेश: हमें अपने संवेदनशील भावनाओं से पृथ्वी का दिल जीतना होगा

प्रोफेसर अजय पटेल कन्या महाविद्यालय कांकेर ने कहा कि पृथ्वी की रक्षा पूरी मानव जाति की सुरक्षा है ,इसके अस्तित्व को बचाने के लिए हमें आगे आना होगा।
संदेश: धरती पर जीवन तभी संभव है जब हम प्रकृति से सामंजस्य स्थापित करें

सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार सोनी केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर ने कहा कि जीवन के आधारभूत तत्वों वन ,जल एवं जीवों का सरंक्षण सभी का परम् कर्तव्य है।इसके लिए समुदाय को आगे आना होगा।
संदेश: आक्सीजन एवं जल की कीमत को हमें समझना होगा ,जीवन इनके अभावों से नहीं चल सकता है

समाजसेवी नीरज जायसवाल ने कहा कि पृथ्वी में जल एवं वायु समय के साथ अपने वास्तविक गुण को त्यागकर विष के रूप में धारण करने लगा है, जिसके लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से मानव समुदाय ही है।जल का अतिदोहन रोकना होगा।
संदेश: संसाधन सीमित हैं और मानव की आवश्यकताएं असीमित ,संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देना होगा

शिक्षक गौकरण कुर्रे ने कहा कि पृथ्वी पर जीवन के सभी तत्वों का संतुलन आवश्यक है, आधुनिकता की होड़ में मनुष्य संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहा है।उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमारी जननी है, हमें इसकी रक्षा करनी होगी।
संदेश: प्रकृति जीवों का पालन पोषण करती है, इसे नष्ट होने से बचायें

जगदलपुर बस्तर से विशेषज्ञ अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि इस पृथ्वी में प्राकृतिक संसाधनों का भण्डार है।जल एक अनमोल उपहार है।विश्व की संपूर्ण प्रयोगशालाएं मिलकर भी एक बूंद जल का निर्माण नहीं कर सकती।हमें जल के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देना होगा।
संदेश: जल अमृत के समान है ,इसकी एक एक बूंद जीवन के लिए आवश्यक है

शिक्षा सेंट्रल स्कूल बिहार से शिक्षक हर्षवर्धन ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों एवं जल सरंक्षण पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।

संदेश : विकास जरूरी है लेकिन प्राकृतिक संसाधनों की अवहेलना करके नहीं
रोशन लाल साहू पर्यावरण कार्यकर्ता ने अधिक से अधिक पौधरोपण की बात कही जिससे धरती की खोई हुई मुस्कान लौट सके।संदेश: जल है तो भविष्य है, इसका सरंक्षण करना होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

भारत देश मे मसीहा बन कार्य कर रहे समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया

घरेलू थेरेपी बनाकर भारत देश के हजारों कोरोना मरीजों को स्वस्थ किया। संजय भारद्वाज छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा...

तमिलनाडु: 3 रुपये सस्ता दूध, कोरोना मरीजों का मुफ्त इलाज, CM बनते ही स्टालिन के बड़े फैसले

विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद एमके स्टालिन ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.अब कार्य भार...

मध्यप्रदेश कोरोना अपडेट शनिवार 08 मई 2021

भोपाल मध्यप्रदेश सम्पूर्ण मध्यप्रदेश का कोरोना अपडेट शनिवार 08 मई 2021 सम्पूर्ण मध्यप्रदेश का कोरोना अपडेट...

कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले शख्स के विरुद्ध SDM ने की कार्यवाही

हनुमना- एक ओर जहां देश एव प्रदेश कोरोना महामारी के भयावह संकट से जूझ रहा है वही कुछ लोग शासन के दिशा...
All countries
158,347,281
Total confirmed cases
Updated on May 9, 2021 8:08 am

Recent Comments

Open chat
1
सहारा समाचार, आपके परेशानियों के साथ है,आप आवश्यकता पड़ने पर, हमारा सहयोग ले सकते है। धन्यवाद