बड़ी खबर : आर्थिक अपराधों के मामलों में अब पुलिस बेनामी सम्पत्तियों पर निवेश की भी जांच करेगी

आर्थिक अपराधों के मामलों में अब पुलिस बेनामी सम्पत्तियों पर निवेश की भी जांच  करेगी
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आर्थिक अपराधों के मामलों में अब पुलिस बेनामी सम्पत्तियों पर निवेश की भी जांच  करेगी

भोपाल। प्रदेश में अब पुलिस आर्थिक अपराधों के मामलों में बेनामी सम्पत्तियों में किये गये निवेश की भी जांच करेगी। इसके लिये पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को ताजा निर्देश जारी किये हैं। पुलिस मुख्यालय ने आर्थिक अपराधों की पन्द्रह बिन्दुओं पर जांच करने के लिये कहा है जिनमें एक बिन्दु बेनाम सम्पत्तियों पर निवेश का भी है।

चौदह अन्य बिन्दु हैं : डायरी का ब्रीफ तैयार करना। डायरेक्टरों सहित आरोपियों की पूरी सूची का पता करना। गबन की कुल राशि ज्ञात करना। कंपनी/संस्था के दस्तावेज प्राप्त करना। यदि दस्तावेज प्राप्त न हों तो संबंधित को समन कर साक्ष्य हेतु बलवाना। साक्ष्य न देने पर दण्ड या जुर्माना कराना। आरोपियों के बैंक अकाउण्ट की जानकारी एकत्र कर जब्ती बनाना। बोर्ड मीटिंग्स के प्रस्ताव प्राप्त करना। साक्ष्य श्रृंखला एकत्र करना। अकाउण्ट ट्रेलिंग कर मुख्य आरोपी का पता कर विवेचना करना। आरोपियों के पासपोर्ट जब्त करना। आरोपियों के पेन कार्ड, आधार कार्ड, लायसेंस, राशन कार्ड, सिबिल स्कोर, डीआईएन नंबर, ड्रायविंग लायसेंस एवं एनओसी की जानकारी प्राप्त करना। गारंटर्स की जानकारी प्राप्त कर उनसे पूछताछ करना। संपत्ति जब्ती की कार्यवाही करना। नुकसान की गणना और वसूली की योजना तैयार कर कार्यवाही करना। अपराध/धोखाधड़ी में शामिल अधिकारियों की सूची तैयार करना एवं बैंक/विभाग की आंतरिक जांच रिपोर्ट प्राप्त करना। सम्पत्ति के मूल्यांकन हेतु सर्वेक्षकों की नियुक्ति करना। चार्टर्ड अकाउण्टेंट की नियुक्ति करना। विधिक राय लेना। शेयर बाजार में निवेश का पता चलाना। आईटी एक्ट के तहत कार्यवाही करना। निदेशकों की सूची प्राप्त करना।

पुलिस मुख्यालय ने अपने निर्देश में कहा है कि गबनित राशि मय ब्याज के ज्ञात कर उसकी रिकवरी के भरसक प्रयास किया जाये। गबनित राशि की सम्पूर्ण रिकवरी होने तक प्रकरण की विवेचना जारी रखी जाये। साथ ही गबनित राशि की रिकवरी हेतु एसआईटी गठित की जाये।