MP: पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत के बावजूद दुष्कर्म पीड़िता को नहीं मिल रहा न्याय -

आरोपी जम्मू में कर रहा फौज की नौकरी -
 
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File photo

रीवा पुलिस को कलंकित कर रही बेबा महिला की आप बीती घटना, SP से लेकर CM तक न्याय की पुकार, दुष्कर्म कर मरणासन्न छोड़ आरोपी दूसरी वार जान से मारने की दे रहा धमकी -

ब्यूरो वरिष्ठ पत्रकार संपत दासगुप्ता रीवा -

MP: पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत के बावजूद दुष्कर्म पीड़िता को नहीं मिल रहा न्याय -

पुलिस अधीक्षक से फरियाद एवं CM हेल्पलाइन में शिकायत बाद भी दुष्कर्म कर व मारकर मृत समझ जंगल में छोड़ भागने वाले युवक की नहीं हुई गिरफ्तारी।नामजद शिकायत थाने का सफ़ाई कर्मी भी बोल रहा मरणासन्न पीड़िता यही बोल रही थी जयदीप ने मारा - जयदीप ने मारा 2 बार के बावजूद न तो पीड़िता की थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई ना ही आरोपी की गिरफ्तारी।

मध्यप्रदेश रीवा जिले के हनुमना का पूरा मामला 12 वर्ष पूर्व हनुमना से डभौरा ब्याही गई एक युवती का है जो 2 वर्षों पूर्व विधवा हो चुकी है जिसका फायदा उठाकर डभौरा थाना क्षेत्र के मगड़ौर ग्राम निवासी जयदीप शुक्ला नामक एक फौजी जवान ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर लगातार उसके साथ तकरीबन 1 वर्ष तक दुष्कर्म करता रहा युवक की बदनियति को भापते हुए युवती ने जब पुलिस अधीक्षक रीवा से शिकायत करना चाहा तो उसे रोकते हुए बहला-फुसलाकर एसपी कार्यालय से वापस लाते हुए डभौरा से 3 किलो मीटर दूर जंगल में रात्रि को धक्के मारकर मोटर साइकिल से गिरा कर  उसके साथ एक बार फिर जबरदस्ती दुष्कर्म कर हेलमेट से पीट-पीटकर अधमरा करने बाइक स्टार्ट कर चढ़ा चढ़ा कर रौंदते हुए मृत जानकर छोड़कर भागे युवक की युवती द्वारा थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक व CM हेल्पलाइन में भी शिकायत इतना ही नहीं 108 एंबुलेंस से सहायता में संजय गांधी चिकित्सालय भर्ती कराने गया थाने का सफ़ाई कर्मचारी रज्जन आदिवासी के मीडिया में कैमरे के सामने यह कहने कि उसकी स्थिति एकदम मरने जैसी थी लग रहा था कि बर्दिहा घाटी भी नहीं पहुंच पायेगी। बेवा मात्र जयदीप ने मारा जयदीप ने मारा बोल रही थी। के बावजूद आज तक नहीं हो सकी गिरफ्तारी पीड़िता दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

उल्लेखनीय है कि तकरीबन 12 वर्ष पूर्व हनुमना निवासी युवती का विवाह डभौरा नगर में हुआ था जिसके वर्तमान में दो बच्चे हैं उसके पति की मृत्यु 2 वर्षों पूर्व इसी जयदीप शुक्ला नामक फौजी युवक द्वारा पीड़िता को बार-बार अश्लील व गंदे मैसेज मोबाइल पर भेजने तथा बार बार मना करने पर भी नहीं मानने ऊपर से बच्चों समेत जान से मारकर बर्बाद करने की धमकी से तंग आकर पीड़िता के पति ने जहां कुएं में कूदकर सुसाइड कर लिया था वही उसके मरने के बाद भी यह युवक नहीं माना और पीड़िता की अच्छी खासी चलती कपड़े की दुकान का नियमित कस्टमर बनकर आने लगा यहां तक कि आरोपी जयदीप शुक्ला के भाई एवं मां-बाप भी आने लगे और घर जैसा संबंध दर्शाने लगे वही फौजी युवक जयदीप शुक्ला पिता शिव शंकर शुक्ला पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाकर उसे शादी का झांसा देते हुए उसके साथ लगातार दुष्कर्म करने लगा यहां तक कि वह अपने घर ग्राम मंगड़ौर जो डभौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत डभौरा से 10 किलोमीटर दूर स्थित है वहां ले जाने के साथ ही अपनी पदस्थापना स्थल जम्मू के नगरोटा आदि स्थानों पर भी ले जाकर दुष्कर्म करता रहा। वही पीड़िता के बार-बार कहने के बावजूद मात्र आश्वासन देता रहा कि अब शादी कर लूंगा तब शादी कर लूंगा लेकिन पीड़िता ने जब इसकी बद नियति को भांपते हुए 23 जून 2022 को पुलिस अधीक्षक रीवा कार्यालय में इस बात की शिकायत करने पहुंची तब आरोपी जयदीप शुक्ला भी पतासाजी कर उसके पीछे पीछे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और वहां शिकायत के लिए इंतजार करती बैठी पीड़िता को बार-बार मनाने लगा जिसका सीसीटीवी फुटेज 23 जून का यदि पुलिस अधीक्षक कार्यालय से निकाला जाए तो स्वयं स्पष्ट हो जाएगा और देर शाम हो जाने से डभौरा जाने वाली ट्रेन भी छूट चुकी थी कोई साधन भी डभौरा के लिए नहीं था पीड़िता के दो छोटे छोटे क्रमशः 8 साल व 10 साल के बच्चे घर में अकेले थे मजबूरन पीड़िता उसके साथ डभौरा जाने के लिए राजी हो गई और उसने रास्ते में उसे भूख लगने पर अंडा खिलाने के बाद पानी के साथ जहां कुछ नशीला पदार्थ खिला दिया जिससे उसकी तबीयत जहां बिगड़ने लगी थी वही डभौरा से 3 किलोमीटर पहले सुनसान जंगली इलाके में उसे धकेल कर पहले उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया तथा बाद में हेलमेट से पीट-पीटकर अधमरा कर मोटर साइकिल को स्टार्ट कर उसके शरीर को मोटर साइकिल से बार-बार रौंदते हुए अपनी समझ से जान से खत्म कर भाग खड़ा हुआ यह तो संयोग था कि पीछे से आती हुई  108 नंबर चालक जो अकेला था खून से लथपथ युवती को हिला डुला कर जब देखा कि वह जीवित है तो बताया जाता है कि उसी ने पुलिस को फोन किया तब हंड्रेड डायल पहुंच कर युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभौरा लाकर एडमिट कराया जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर चोटों के चलते मरणासन्न स्थिति में संजय गांधी चिकित्सालय रीवा के लिए रात में ही रेफर कर दिया था ।

पीड़िता के साथ में कोई ना होने से थाने का सफाई कर्मचारी रंजन आदिवासी सहयोग में रीवा एडमिट कराने गया था जो बताता है कि खून से लथपथ पीड़िता को देखकर लगता था कि उसकी कब सांस टूट जाएगी बरदहा घाटी तक भी वह लग रहा था नहीं पहुंच पाएगी लेकिन भगवान की कृपा थी कि वह रीवा संजय गांधी और गई वहां हमने एडमिट कराया तब भी वह जीवित थी लेकिन बस एक ही बोल बोलती थी पहुंचने पर जयदीप ने मारा जयदीप ने मारा। वही ससुराल वालों को सूचना देने पर ससुराल वालों ने यह कहते हुए कि हम लोगों से कोई लेना-देना नहीं उनके मायके वालों को सूचना करो और पल्लू झाड़ लिया था।

दूसरे दिन मायके वालों को सूचना मिलने पर संजय गांधी मेडिकल चिकित्सालय पहुंचकर पखवाड़े भर चिकित्सालय में रहकर इलाज कराने के बाद जब हफ्ते बाद उसे चेतना आई थी इस बीच जयदीप शुक्ला के दो भाई हॉस्पिटल में पहुंचकर पीड़िता के पिता को ₹600000 छः लाख रुपए का लालच देते हुए घटना की रिपोर्ट ना करने की बार-बार दबाव डाल रहे थे उस समय चूंकि पीड़िता के जबड़े दो टुकड़े होने, सिर में तथा पूरे शरीर पर गंभीर चोट होने के कारण जहां जबड़े व दात सिले हुए थे सिर में भी टांके लगे थे बोल पाने की स्थिति में नहीं थी इसलिए घटना की हकीकत किसी को भी नहीं बता पा रही थी इधर चेतना में आते ही पीड़िता ने अपने मां बाप से आपबीती बताया तथा कुछ कुछ बोलने में सक्षम होने पर 25 अगस्त 22 को डभौरा थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराना चाहा लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी गीतांजलि जहां अनुपस्थित थी वही उपस्थित एएसआई शारदा तिवारी ने युवती का बयान तो लिख लिया लेकिन दस्तखत कराने से इनकार करते हुए कहा कि मैंने आप का बयान दर्ज कर लिया है इसकी नकल भी नहीं दूंगा । थाना प्रभारी गीतांजलि मैडम के आदेश के बिना आप की रिपोर्ट भी मैं दर्ज नहीं कर सकता,और पीड़िता वापस मायके हनुमना चली आई वही थाना प्रभारी श्रीमती गीतांजलि को पीड़िता द्वारा फोन लगाने पर थाना प्रभारी ने पीड़िता पर दबाव बनाते हुए कहा कि तुमने गलत बयान दिया है इस प्रकार का बयान नहीं देना चाहिए जयदीप फौजी जवान है मैं उसकी नौकरी नहीं लेना चाहती तुम आकर अपना बयान बदल जाओ रही बात FIR दर्ज करने की तो एफआईआर तुम्हारी एक्सीडेंट की दर्ज की हूं यह कहे जाने पर कि मेरा एक्सीडेंट नहीं मैडम मेरा तो मर्डर करने का प्रयास किया गया है जयदीप शुक्ला द्वारा बावजूद इसके थाना प्रभारी मानने को तैयार नहीं थी।

मजबूर होकर सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत करने के साथ ही पुलिस अधीक्षक रीवा के यहां 8 सितंबर 2022 को स्वयं उपस्थित होकर पीड़िता ने आपबीती बताई और खून से लथपथ मरणासन्न वीडियो फुटेज एसपी महोदय को उपलब्ध कराई तो स्वयं एसपी महोदय दांतो तले उंगली दबाते हुए कहा कि अभी तक तुम और वहां की थाना प्रभारी क्या कर रही थी उन्होंने शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन देते हुए कहा कि अपराधी कितना भी बड़ा होगा बख्शा नहीं जाएगा। यद्यपि हफ्ते भर के अंदर थाना प्रभारी श्रीमती गीतांजलि का डभौरा थाना से एसपी महोदय ने जहां ट्रांसफर कर दिया है वही नवागत थाना प्रभारी दिलीप दहिया ने डभौरा थाने का प्रभार कर लिया है। श्री दहिया के प्रभार ग्रहण करते ही 17 सितंबर को पुनः एक बार न्याय की आशा लेकर पीड़िता डबरा थाने पहुंचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए लेकिन यह कहते हुए उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई कि अभी तुम्हारा केवल बयान ले सकता हूं जांच के बाद यदि सही पाया गया तो रिपोर्ट आपकी दर्ज कर ली जाएगी।

पीड़िता जब एसडीओपी विनोद सिंह से मिलने पहुंची विनोद सिंह ने थाना प्रभारी को फोन लगाकर जहां घटना के संबंध में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि मैं तो कहता हूं कि क्योंकि पीड़िता का जबड़ा टूट चुका है वीडियो फुटेज से भी स्पष्ट हो रहा है और पीड़िता स्वयं अब अपनी चेतना में आकर बयान दे रही है इसकी रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही करो सख्ती से सिंह ने कहा कि एक हफ्ते इस समय काफी होता है इसके अंदर ही कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें । देखना है कि नवागत थाना प्रभारी पीड़िता की FIR दर्ज कर आरोपी जयदीप शुक्ला को जेल की सलाखों के पीछे भेजते हैं या फिर अभी भी पीड़िता को न्याय के लिए दर-दर ठोकर ही खाना पड़ेगा।

देखिए ब्यूरो जिले के वरिष्ठ पत्रकार संपति दास गुप्ता की ग्राउंड रिपोर्ट -

वीडियो नम्बर 1-घटना स्थल को बताती पीड़िता -

2 --वीडियो नंबर 2 एवं 3-पीटीसी -

 3 -वीडियो नम्बर 4- दुबारा बयान देने आई पीड़िता क्या कहती है -

 4 -- थाने का सफ़ाई कर्मचारी रज्जन -

5 -- बाइट नवागत थाना प्रभारी दिलीप दाहिया -