हायर की गई हनीट्रेप हीरोइन जोया खान, सोशल मीडिया पर 17 जून को डाक्टर की दोस्त बनी, 20 जून को देवास आई और 22 जून तक एक डाक्टर की इज्जत उछालकर, उसे नौ लाख छब्बीस हजार छह सौ रुपए से निपटा दिया -

इज्जत उछालकर, उसे नौ लाख छब्बीस हजार छह सौ रुपए से निपटा दिया -
 
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हायर की गई हनीट्रेप हीरोइन जोया खान, सोशल मीडिया पर 17 जून को डाक्टर की दोस्त बनी, 20 जून को देवास आई और 22 जून तक एक डाक्टर की इज्जत उछालकर, उसे नौ लाख छब्बीस हजार छह सौ रुपए से निपटा दिया -

पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार स्वतंत्र पत्रकार) 
देवास में हुए हनीट्रेप मामले की काफी गूंज रही और आश्चर्य की बात यह रही कि जो डॉक्टर हनीट्रेप का शिकार हुआ, षड़यंत्रकारियों द्वारा छला गया, लूटा गया, उसके प्रति किसी की सहानुभूति नहीं जागी, उसका सच समाज को बताने को कोई तैयार नहीं हुआ, बेचारा लुटा-पिटा हतप्रभ सबको देखता रहा और सोचता रहा कि उसके साथ ये हो क्या रहा है? देवास में मीडिया भी शासन प्रशासन और प्रभावशाली लोगों का भोंपू होकर रह गया है, मीडिया इन लोगों की बात तो जनता को बता देता है, लेकिन जनता की भावना शासन प्रशासन तक नहीं पहुंचा पाता, मीडिया शासन प्रशासन और प्रभावशाली लोगों की बातों का विश्लेषण करके सच भी जनता को नहीं बता पाता। 

देवास में मीडिया की स्थिति प्रवाह में बहते शव की तरह है, जिसमें जनता को प्रभावित करने वाले जीवन के लक्षण नजर ही नहीं आते, यही कारण है कि हनीट्रेप के शिकार बेचारे पवन चिल्लोरिया का पक्ष समाज के सामने आ ही नहीं पाया। पुलिस सच का पक्ष लेते हुए षड़यंत्रकारियों को कटघरे में खड़ा कर पाएगी, संदेह नजर आता है, क्योंकि देवास पुलिस का नैतिक धरातल बेहद कमजोर है। 

बकौल डॉ पवन चिल्लोरिया जोया खान कहें, मनीषा डेविड कहें या फिर सिमरन, यह हनीट्रेप हीरोइन डाक्टर पवन चिल्लोरिया को बर्बाद करने के लिए षड़यंत्रकारियों द्वारा हायर की गई थी। चिकित्सकीय पेशे से जुड़े तीन लोगों ने एक वकील को शामिल कर यह षड़यंत्र रचा और देवास के इस प्रतिभावान डाक्टर को हनीट्रेप का शिकार बना लिया। “बेबाक आजाद न्यूज पोर्टल” हनीट्रेप मामले को स्पर्श करेगा और वह सच समाज के सामने लाने की कोशिश करेगा।

 हालांकि हनीट्रेप हीरोइन जेल में हैं, कथित षड़यंत्रकारी वकील साहब अग्रिम जमानत पर हैं और दो षड़यंत्रकारी डाक्टर पुलिस कृपा से खुले घूम रहे हैं। वकील साहब है अनुराग शर्मा और डाक्टर है महेन्द्र गलोदिया बी.एच.एम.एस. तथा संतोष दभाड़े, जिसे मीडिया भाषा में झोलाछाप डाक्टर कहा जा सकता हैं, एक डॉक्टर और है मुख्य साजिश कर्ता, जिसका नाम पुलिस के पन्नों पर नहीं आया है, इसलिए उसके नाम के उल्लेख से अभी हम परहेज करेंगे, लेकिन सत्य यही है कि इस सारे खेल का मार्गदर्शक वही है और उसे डॉक्टर पवन चिल्लोरिया के पैसे से मतलब नहीं है, बर्बादी से मतलब है। महेंद्र गलोदिया, संतोष दभाड़े और वह तीसरा साजिश कर्ता डाक्टर इस लिए दुखी हैं कि डॉक्टर पवन चिल्लोरिया सुखी है, रही बात वकील अनुराग शर्मा की तो पैसे के लिए अनुराग कुछ भी करेगा, किसी भी हद तक गिरेगा, जरुरत पड़ी तो न्याय के सम्मानित सिद्धांत को भी कलंकित करेगा?

 डाक्टरों को यह जलन है कि एक श्रमिक के बेटे पवन चिल्लोरिया ने इतनी तरक्की कैसे कर ली कि वह सिविल लाइन क्षेत्र में प्रतिष्ठा के साथ प्राइम हास्पिटल जैसा प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान लेकर बैठा है? दूसरों की तरक्की से जलने वाले जल कुक्कड़ डाक्टरों ने यह सारा खेल रचा और डाक्टर पवन चिल्लोरिया को हनीट्रेप का शिकार बना लिया। इस सारे खेल में जोया खान उर्फ मनीषा डेविड उर्फ सिमरन और अनुराग शर्मा को पैसा चाहिए था तथा षड़यंत्रकारी डाक्टरों को पवन चिल्लोरिया की बर्बादी। इन लोगों का प्लान था कि जोया से बलात्कार की रिपोर्ट डलवाकर पवन चिल्लोरिया को बलात्कारी बताते हुए उनके हास्पिटल पर बुलडोजर चलवा दिया जाए, बताया जाता है इसके लिए ये प्रशासन एवं पुलिस में बैठे भ्रष्ट अफसरों से भी सेटिंग जमा चुके थे, लेकिन डॉक्टर पवन चिल्लोरिया ने बदनामी के भय को दरकिनार करते हुए, खुद को ब्लेकमैल किए जाने का आवेदन पुलिस को दे दिया और जल कुक्कड़, ईर्ष्यालु डाक्टरों का प्लान फेल हो गया। 

कथित तौर पर डाक्टर पवन चिल्लोरिया को फसाने के लिए इस प्रकार के अपराध करने की आदतन अपराधी जोया खान को लालच देकर हायर किया गया था। हनीट्रेप हीरोइन जोया खान षड़यंत्रकारियों से पूर्व परिचित रही है और इन्होंने ही जोया को पवन चिल्लोरिया का नंबर दिया, इनके ही कहने पर जोया ने पवन चिल्लोरिया से सोशल मीडिया पर दोस्ती की। पहली बार 17 जून 2022 को पवन चिल्लोरिया के पास जोया का फोन आया और 20 जून को जोया भीलवाड़ा से देवास आ गई, जोया ने दो घंटे पवन चिल्लोरिया के घर आराम किया, चिल्लोरिया ने हास्पिटल में काम किया। इस बीच जोया ने बीस हजार रूपए बच्चे की स्कूल फीस के नाम पर चिल्लोरिया से किसी के खाते में डलवा लिए और बाद में यह कहकर कि मेरा बच्चा घायल हो गया मुझे जाना पड़ेगा, छह सौ रुपए और टिकट के नाम पर किसी के खाते में डलवा दिए। जोया ने डाक्टर पवन चिल्लोरिया के घर आराम फरमाने के बीस हजार छह सौ रुपए अंटी कर लिए और नौ लाख रुपए वकील साहब अनुराग शर्मा ने छिन लिए, आज की तारीख में डाक्टर पवन चिल्लोरिया की स्थिति यह है कि खाया पीया कुछ नहीं गिलास फोड़ा बारह आने।

 वकीलों के बीच भी यह मामला खूब चर्चा में रहा है, क्योंकि पवन चिल्लोरिया से वकील अनुराग शर्मा ने नौ लाख रुपए लिए हैं। षड़यंत्रकारी डा महेंद्र गलोदिया की पृष्ठभूमि क्या है, संतोष दभाड़े की पृष्ठभूमि क्या है, वह तीसरा डाक्टर कौन है, ये कैसे, कहां, कब जोया के संपर्क में आए, इन्होंने जोया के साथ क्या किया, जोया ने इनके साथ क्या किया? ऐसे बहुत से सवाल है, जो वैचारिक बवाल खड़ा करने को उतावले हुए जा रहे हैं, उनको सबको स्पर्श किया जाएगा। फिलहाल तो पुलिस से अपेक्षा है कि वह निष्पक्ष जांच करें और उस तीसरे मार्गदर्शक षड़यंत्रकारी डाक्टर का नाम भी अपने पन्नों पर लेकर आए, क्योंकि परिस्थितियां चुगली कर रही है कि यह महज एक मामला नहीं है, ऐसे और भी लोग हो सकते हैं, जो इनके षड़यंत्र के शिकार हुए हो? पुलिस की ईमानदार जांच मामले की बहुत सारी परतें खोल सकती हैं।

चलते चलते नैतिक रूप से कमजोर पुलिस से मजबूत सवाल कि आरोपी डॉक्टर खुले क्यों घूम रहे हैं? BebakAzad