साल 2023 में खूब रही लक्जरी घरों की डिमांड,नए साल में भी रहेगा धूम -

2023 हुई में अल्ट्रा-लक्जरी घरों की रिकॉर्ड बिक्री  -
 
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साल 2023 में खूब रही लक्जरी घरों की डिमांड, नए साल में भी रहेगा धूम -

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए साल 2023 सबसे बेहतर साबित हुआ है। 2023 के पहले नौ महीनों की बात करें तो रेजिडेंस की बिक्री अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर रही है। ब्याज दरों और रेजिडेंस की कीमतों दोनों में वृद्धि के बावजूद पहले नौ महीनों में टॉप 7 शहरों में 349,000 मकान बिक चुके हैं जो वर्ष 2022 में दर्ज की गई कुल बिक्री का 96 प्रतिशत है। इनमें 84,400 इकाइयां लक्जरी घर थीं जिनकी कीमत 1.5 करोड़ रुपये से अधिक थी, जो कि 115 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है।
बिक्री के लिहाज से देखा जाए तो यह साल अच्छा साबित हुआ है। जिस तेजी से मकानों की बिक्री हो रही है और बॉयर्स का इस सेक्टर की तरफ भरोसा बढ़ रहा है ऐसे में उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 5 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है जो अपने आप में रिकॉर्ड होगा। बिक्री की बात करें तो साल 2023 में लक्जरी घरों की डिमांड सबसे अधिक रही क्योंकि होम बॉयर्स की मांग बड़े घरों की ओर था। बॉयर्स की क्रय शक्ति में वृद्धि के कारण यह ट्रेंड नए साल यानी 2024 में भी जारी रहने की उम्मीद है।

2023 हुई में अल्ट्रा-लक्जरी घरों की रिकॉर्ड बिक्री। वर्ष 2023 में दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में 58 अल्ट्रा-लक्जरी घर (40 करोड़ रुपये और उससे अधिक की कीमत) बेचे गए, जो पिछले साल से लगभग 250 फीसदी की वृद्धि है। प्रोपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक के एक विश्लेषण के अनुसार, 2023 में कम से कम 12 डील 100 करोड़ रुपये से अधिक के थे, जिनमें से 10 मुंबई में और दो दिल्ली-एनसीआर में हुए। एनारॉक समूह के चेयरमैन, अनुज पुरी के अनुसार, "2023 में बेचे गए अल्ट्रा-लक्जरी घरों का सामूहिक बिक्री मूल्य 4,063 करोड़ रुपये है, जबकि 2022 में इन शहरों में कुल 13 अल्ट्रा- लक्जरी घर बेचे गए, जिनकी कुल बिक्री मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये है।"  40 करोड़ रुपये की कीमत वाली बेचीं गई 53 इकाइयां वर्ष 2023 में अब तक टॉप 7 शहरों में बेची गई कम से कम 58 अल्ट्रा-लक्जरी प्रोपर्टीज में से अकेले मुंबई में 40 करोड़ रुपये की कीमत वाली 53 इकाइयां बेचीं गई दिल्ली- एनसीआर की बात करें तो यहां 40 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य के कम से कम चार अलग-अलग अल्ट्रा-लक्जरी होम डील किए गए। इनमें गुड़गांव में दो अपार्टमेंट और नई दिल्ली में दो बंगलों की डील हुई। हैदराबाद में जुबली हिल्स में एक रेजिडेंसियल डील देखी गई।

2010 से अभी तक का सबसे अधिक बिक्री वाला साल
क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष और गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ कहते हैं कि रियल एस्टेट सेक्टर के लिए वर्ष 2023 हर लिहाज से बेहतर रहा। वर्ष 2022 से रियल एस्टेट सेक्टर में जो तेजी शुरू हुई थी वह वर्ष 2023 में अपनी ऊंचाइयों को छू चुका है। यह तेजी सिर्फ दिल्ली एनसीआर में ही नहीं बल्कि पूरे देश में देखी गई है। कोविड के बाद लोगों ने इस चीज को समझा है. इस ट्रेंड को हम आगे भी देख रहे हैं। खासकर दिल्ली एनसीआर में। यदि हम नोएडा की बात करें तो यहां प्रोपर्टी को लेकर जेवर एयरपोर्ट के प्रति जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग दिल्ली और अन्य राज्यों के अलावा विदेशों तक से निवेश कर रहे हैं। 

लोग एयरपोर्ट का महत्व समझ रहे हैं. इस पूरे साल ब्याज दरों में कोई बढो़तरी नहीं की गई। इन सबके चलते मुझे लगता है कि आने वाला साल रियल एस्टेट और भी आगे जाएगा। 2010 साल 2023 को 2010 से अभी तक का रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सबसे हाई डिमांड वाला साल कहा जा सकता है। डिमांड में कोई कमी नहीं आएगी। मुझे लगता है कि 2024 ही नहीं अगले पांच-छह साल रियल एस्टेट ही देश का ग्रोथ ड्राइवर होगा।

मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी ने कहा कि वर्ष 2023 में रियल एस्टेट सेक्टर ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी अपना विस्तार किया है। विशेषकर रेजिडेंशियल डेवलपमेंट्स के लिए 1,461 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है, जो मेट्रो शहरों से अलग टियर-2 और टियर-3 शहरों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। बाजार में स्थापित बिल्डर टियर 2 व 3 शहरों को नये बाजार के रूप में देख रहे हैं। प्लॉट वाली रेजिडेंशियल परियोजनाओं पर जोर देने वाला यह चलन वर्ष 2024 में रियल एस्टेट सेक्टर में और तेजी लाएगा। जैसे-जैसे डेवलपर्स नए ग्रोथ एरिया को तलाश रहे हैं, निश्चित रूप से आने वाले वर्ष में भारत के छोटे शहरों की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा।

काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा यह साल रियल एस्टेट खासकर हाउसिंग सेक्टर के लिए काफी शानदार साबित हुआ है। दो साल पहले की तुलना में आज रियल एस्टेट सेक्टर का बाजार पूरी तरह बूम पर है। इस साल देखें तो शुरुआत से ही घरों की डिमांड में तेजी देखी गई। यही वजह है कि वर्ष 2023 में घरों की बिक्री का अभी तक का आंकड़ा पिछले साल यानी 2022 की तुलना में करीब 40 फीसदी ज्यादा रह सकता है। अगले साल की बात करें तो मकानों की बिक्री में तेजी का ट्रेंड बरकरार रहने की उम्मीद है। यदि अगले वित्त वर्ष में रेपो रेट के कम होने की शुरुआत हो जाती है तो होम लोन सस्ते होते जाएंगे। इससे घरों की मांग को और सपोर्ट मिल सकता है।

एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा ने कहा कि कोविड 19 महामारी के बाद साल 2023 घर खरीदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए बेहद शानदार साल रहा है। कोरोना के बाद जहां लोगों को बड़े घर की जरूरत महसूस हुई तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर में उनकी घर की खोज खत्म हुई। डेवलपर्स ने लोगों को उनकी आशा के अनुरूप शानदार घर मुहैया करवाए हैं। यही कारण रहा कि कोरोना के समय से एनसीआर में बची हुई इंवेंटरी साल 2023 में शून्य हो गई। इस साल से आशाएं जगी हैं कि आने वाला साल 2024 भी बेहद शानदार रहेगा। उम्मीद है कि सिर्फ 2024 ही नहीं बल्कि आने वाले पांच साल रियल एस्टेट के लिए बेहतरीन रहने वाले हैं।

गुलशन ग्रुप डायरेक्टर युक्ति नागपाल ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में 2023 में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, विशेष रूप से लक्जरी हाउसिंग सेगमेंट में। इंडस्ट्री ने लक्जरी और बड़े घरों के साथ-साथ विकसित हो रही शहरी क्षेत्रों की ओर ध्यान केंद्रित किया है। दिल्ली-एनसीआर एक हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है, जिसमें लक्जरी आवास की बिक्री में उल्लेखनीय 216 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। पॉजिटिव आर्थिक संकेतकों और बढ़ते एनआरआई निवेश ने इस उछाल को बढ़ावा दिया है। निश्चित रूप से वर्ष 2024 में प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट के लिए पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं होगी।